Friday, 21 October 2016

सूरज दूबे के "बागी बोल"

कवि है हम लेकिन केवल कविता लिखना काम नहीं ।
ऐसे आएंगे परिणाम, जिसका होगा अनुमान नहीं ।
कवी ह्रदय जब बोलेगा, सारा सृष्टि डोलेगा ।
काश्मीर क्या पाकिस्तान भी वन्दे मातरम बोलेगा ।